राजस्थान में school software चुनने के चार ज़रूरी टेस्ट
राजस्थान में आधे से ज़्यादा बच्चे अब private unaided स्कूलों में पढ़ते हैं, और इन स्कूलों पर ऐसे नियम लागू होते हैं जिनका ध्यान metro स्कूलों के लिए बना software शायद ही रखता है। यह guide जयपुर, जोधपुर, कोटा, सीकर, उदयपुर और दूसरे शहरों के school owners और principals के लिए है: 2016 के Fee Act, Raj PSP और RBSE के exam calendar के हिसाब से school management software को क्या करना चाहिए, उसे कैसे परखें और उस पर कितना खर्च होना चाहिए।
फ़रवरी का तीसरा हफ़्ता है और जगह है सीकर का एक private स्कूल। गुरुवार से Class 8 का state exam शुरू हो रहा है, अगले ही दिन Raj PSP पर RTE applications की window खुलने वाली है, और School Level Fee Committee में शामिल दो parents देखना चाहते हैं कि इस साल का activity charge committee की मंज़ूर की हुई Fees में कैसे फ़िट बैठता है। Accountant के पास मंज़ूर Fees की sheet एक file में है और receipts दूसरी में, और पिछले session का RTE reimbursement claim अब भी ‘under process’ दिखा रहा है। Principal के WhatsApp पर exam timetable को लेकर parents के साठ unread messages पड़े हैं, ज़्यादातर हिंदी में। राजस्थान में इसमें कुछ भी अनोखा नहीं है। अनोखा है ऐसा school software, जो इसी हक़ीक़त के लिए बना हो।
इस guide का दावा यह है कि राजस्थान के किसी भी private स्कूल को school management software को सबसे पहले चार स्थानीय टेस्ट पर परखना चाहिए। क्या हिंदी मीडियम ऑफिस इसे चला सकता है, और क्या parents इसे हिंदी में पढ़ सकते हैं? क्या यह दिखा सकता है कि वसूला गया हर रुपया 2016 के Fee Act के तहत मंज़ूर Fees से मेल खाता है? क्या यह RTE admissions और reimbursement claims को उसी तरह track करता है जैसे Raj PSP काम करता है? और क्या यह student और exam records को RBSE के calendar के लिए तैयार रखता है, अब जब Class 5 और 8 में फिर से असली exams होती हैं? जो software इन चारों में पास हो, वही आपकी आगे की जाँच के लायक है; जो इनमें से किसी एक में भी फ़ेल हो, वह अपनी कीमत से कहीं ज़्यादा महँगा पड़ेगा।
राजस्थान के स्कूल को school management software से असल में क्या चाहिए
राजस्थान का school market बड़ा है, private है और उसमें होड़ लगातार बढ़ रही है। UDISE+ 2025-26 के आँकड़े बताते हैं कि राज्य का 52.5% enrolment अब private unaided स्कूलों में है, जो लगभग 40% के राष्ट्रीय आँकड़े से काफ़ी ऊपर है। इनमें से कई स्कूल हिंदी मीडियम या bilingual हैं, छोटे ऑफिस staff से चलते हैं, और Fees कुछ कैश में तो कुछ UPI से लेते हैं। अपनी ज़रूरतों की सूची इसी हक़ीक़त से शुरू कीजिए:
राजस्थान और RBSE स्कूलों को क्या देखना चाहिए
- ऑफिस और teachers के लिए हिंदी screens — admissions, Fees और attendance — सिर्फ़ English product पर हिंदी logo नहीं।
- Fees receipts, reminders और notices जो parents तक WhatsApp और SMS पर हिंदी में पहुँचें, क्योंकि राजस्थान के parents पहले से वहीं हैं।
- ऐसे Fees structures जो आपकी School Level Fee Committee की मंज़ूर Fees को हूबहू दिखाएँ — हर fee head और हर class के हिसाब से।
- काउंटर पर कैश और UPI links — दोनों का अंत ऐसी receipt से हो जिसमें लिखा हो कि parent ने किन fee heads का भुगतान किया।
- RTE students admission के दिन से ही अलग से दर्ज हों, और उनकी Fees बाकी students की Fees से अलग संभाली जाए।
- RTE reimbursement claims तैयारी से भुगतान तक track हों, और हर claim के साथ Raj PSP का reference दर्ज हो।
- Student records में admission या scholar register (SR) number, PEN, APAAR ID और Aadhaar दर्ज हों, UDISE+ के लिए तैयार।
- हिंदी और English दोनों में report cards, और ऐसी grading जिसे स्कूल अपनी RBSE classes के लिए ख़ुद set कर सके।
- साधारण Android phone पर attendance, जिसे वे teachers भी लगा सकें जो हफ़्ते भर की training में नहीं बैठेंगे।
- Per student ऐसी कीमत, जिसे Tier-3 शहर का 400 students वाला स्कूल किसी teacher की post काटे बिना दे सके।
राजस्थान के वे नियम जिनका आपके software को पालन करना होगा
राजस्थान में private स्कूल का पूरा साल चार तरह के नियमों से तय होता है, और हर नियम अपने पीछे records का एक सिलसिला छोड़ जाता है।
Rajasthan Schools (Regulation of Fee) Act, 2016 — यानी राजस्थान का Fee Act. हर private स्कूल अपनी Fees एक School Level Fee Committee (SLFC) के ज़रिए तय करता है: principal, तीन teachers और management का एक प्रतिनिधि, साथ में Parent-Teacher Association से lottery द्वारा चुने गए पाँच parents। एक बार मंज़ूर होने के बाद Fees तीन academic sessions तक लागू रहती है, और विवाद पहले Divisional Fee Regulatory Committee के पास जाते हैं। Supreme Court ने 3 मई 2021 को Indian School, Jodhpur बनाम राजस्थान राज्य मामले में इस Act को सही ठहराया और कुछ धाराओं का दायरा सीमित किया — इनमें यह भी कि lottery से चुने जाने वाले parents उन परिवारों से होंगे जिनके बच्चे RTE seats पर नहीं पढ़ते। इसका व्यावहारिक मतलब सीधा है: आपके Fees records में साफ़ दिखना चाहिए कि क्या मंज़ूर हुआ और क्या वसूला गया — बीच में कुछ नहीं।
RTE admissions और Raj PSP पर reimbursement. Private स्कूल Shala Darpan का इस्तेमाल नहीं करते — वह सरकारी और सरकारी सहायता-प्राप्त स्कूलों के लिए है; वे rajpsp.nic.in पर Private School Portal इस्तेमाल करते हैं। इसी के ज़रिए entry-level की 25% seats — pre-primary (PP3+) और Class 1 — online lottery से भरी जाती हैं। 2026-27 के लिए applications 20 फ़रवरी से 10 मार्च 2026 तक चलीं और lottery 12 मार्च को निकली, जिसमें परिवारों की verification Jan Aadhaar से हुई। इसके बाद राज्य इन बच्चों के लिए स्कूल को reimbursement (पुनर्भरण) देता है — RTE Act की धारा 12(2) के तहत, स्कूल की Fees और राज्य के notified per-child खर्च में से जो कम हो — और इसके claims उसी portal पर जमा होते हैं।
RBSE का exam calendar. Board of Secondary Education, Rajasthan (माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान) Class 10 और 12 की board exams के साथ Class 5 और 8 की state-level exams भी कराता है। 2026 में Class 8 की exam 19 फ़रवरी से और Class 5 की 20 फ़रवरी से शुरू होकर मार्च के पहले हफ़्ते तक चलीं। फ़रवरी 2026 में राज्य ने Class 5 और 8 में automatic promotion भी ख़त्म कर दिया: अब बच्चे को न्यूनतम अंक लाने होंगे, और न ला पाने पर 45 दिनों के भीतर एक और मौका मिलेगा। जिन classes को स्कूल अब तक हल्के में लेते थे, वहाँ marks, attendance और re-exam के records अचानक अहम हो गए हैं।
UDISE+. हर मान्यता-प्राप्त स्कूल अपना सालाना return भरता है, और उसमें students की जानकारी — PEN, APAAR, Aadhaar, category, attendance — स्कूल के अपने records से मेल खानी चाहिए।
राजस्थान के demo में school software को कैसे परखें
Slide deck देखकर फ़ैसला मत कीजिए। अपने accountant, एक class teacher और एक parent के phone को कमरे में रखिए, और एक ही बैठक में ये सात जाँचें कीजिए:
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ऑफिस की screens हिंदी में switch करके laptop अपने accountant को दे दीजिए। अगर वे बिना मदद के एक student जोड़ लें और Fees ले लें, तो software पास। अगर सिर्फ़ menu के headings बदलते हैं, तो फ़ेल।
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एक class के लिए SLFC की मंज़ूर Fees डालिए और receipt print कीजिए। Receipt का हर head मंज़ूर sheet से मेल खाना चाहिए। पूछिए कि ऑफिस को मंज़ूर structure से बाहर का charge जोड़ने से क्या रोकता है — और अगर कोई जोड़ दे, तो उसका क्या record बचता है।
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₹500 कैश लीजिए और बाकी रकम के लिए UPI link भेजिए। दोनों receipts एक मिनट के भीतर parent के WhatsApp पर हिंदी में पहुँचनी चाहिए।
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तीन RTE students दर्ज कीजिए और पिछले session का reimbursement claim बनाइए। Students जोड़िए, Raj PSP का reference दर्ज कीजिए, फिर एक आंशिक भुगतान दर्ज कीजिए। आपको एक ही screen पर दिखना चाहिए कि कितना claim हुआ, कितना मंज़ूर हुआ, कितना मिला और कितना बाकी है।
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Class 8 के marks डालिए और हिंदी report card निकालिए। फिर पूछिए कि जिस बच्चे को 45 दिनों के भीतर दोबारा exam देनी है, उसे vendor कैसे संभालता है — यह नियम नया है, और कई products अभी इसके हिसाब से नहीं बदले हैं।
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UDISE+ का data निकालिए। Attendance sheet export कीजिए और देखिए कि student records में SR या admission number, PEN और APAAR ID बिना किसी दूसरी spreadsheet के मौजूद हैं।
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अपने enrolment के लिए साल भर की पूरी कीमत लिखित में लीजिए। Per student के हिसाब से, जिसमें WhatsApp और SMS charges और payment-gateway charges अलग-अलग साफ़ लिखे हों।
आपके सामने कौन-कौन से विकल्प आएँगे
राजस्थान के स्कूलों के सामने तीन तरह के products आते हैं। कुछ regional vendors ख़ास तौर पर राजस्थान और RBSE स्कूलों को ध्यान में रखकर बेचते हैं — इनमें ShalaPro, EduGradUP और SchoolDeck जैसे नाम आपको मिलेंगे। Teachmint, Entab, Fedena, Vidyalaya और MyClassboard जैसे national school ERPs सभी boards और राज्यों में बिकते हैं। और बहुत से छोटे स्कूल अब भी registers, एक desktop accounting package और Excel पर चलते हैं। इनमें से कोई भी अपने-आप में ग़लत नहीं है। हर विकल्प को ऊपर के चार स्थानीय टेस्ट और सात demo जाँचों पर परखिए, और keyboard पर आपका अपना staff हो — किसी दूसरे राज्य के लिए लिखी feature list पर नहीं।
राजस्थान में school software पर कितना खर्च आता है
Vendors तीन तरह से कीमत बताते हैं: हर स्कूल के लिए सालाना एक तय रकम, per student सालाना दर, या हर module की अलग कीमत। तुलना करने से पहले हर quote को अपने enrolment के हिसाब से साल भर के एक आँकड़े में बदलिए, और software के बाहर के दो खर्च जोड़िए: online Fees payments पर payment-gateway charges, और WhatsApp व SMS के per-message charges।
संदर्भ के लिए, Inkwelly बिना किसी enrolment slab के per student तय कीमतें publish करता है: Lite पर ₹49 per student सालाना, Standard पर ₹99 और Premium पर ₹199। 400 students वाला एक हिंदी मीडियम स्कूल Lite पर साल में ₹19,600 देता है, जिसमें student records, student और staff attendance, online payments के साथ Fees, exams और report cards, WhatsApp और SMS notices, school calendar और ID cards शामिल हैं; ₹39,600 वाला Standard इसमें admissions, timetable, homework, transport, library और बहुत कुछ जोड़ता है। आप जो भी ख़रीदें, उसकी कीमत की तुलना इस बात से कीजिए कि एक term का अटका हुआ RTE reimbursement या Fees का एक विवाद आपके स्कूल को कितना महँगा पड़ता है।
Inkwelly कहाँ fit बैठता है
Inkwelly इसी तरह के स्कूल के लिए बना है — हिंदी मीडियम या bilingual, budget का ध्यान रखने वाला और WhatsApp-first। ऑफिस की screens और parents को जाने वाले messages हिंदी में चलते हैं, और Fees collection class-wise Fees structures और नाम वाले fee heads पर चलता है, इसलिए SLFC की मंज़ूर Fees जैसी मंज़ूर हुई, वैसी ही डाली जा सकती है। Fees काउंटर पर कैश में या Razorpay के ज़रिए UPI link से ली जा सकती है, और receipt parent तक WhatsApp पर हिंदी में पहुँचती है। RTE students Fees record में अलग से दर्ज रहते हैं, और हर reimbursement claim अवधि के हिसाब से track होता है: उसमें शामिल students, हर line की verification, जमा करते समय portal का reference, और आने पर हर भुगतान — ताकि स्कूल को हमेशा पता रहे कि कितना बाकी है। हमारी RTE reimbursement track करने की guide पूरी प्रक्रिया समझाती है।
Student records में admission number series, PEN, APAAR ID, ABC ID और Aadhaar दर्ज रहते हैं, और attendance UDISE+ के column क्रम वाली workbook के रूप में export होती है। Marksheets हिंदी में print की जा सकती हैं। पड़ोसी राज्य में यही तरीका कैसे काम करता है, यह जानने के लिए हमारी उत्तर प्रदेश guide देखिए।
“राजस्थान में school software की असली परीक्षा demo नहीं है। असली परीक्षा यह है कि फ़रवरी के एक ही हफ़्ते में fee committee, RTE claim और हिंदी मीडियम ऑफिस — तीनों का हिसाब सही बैठता है या नहीं।”
RTE window खुलने से पहले फ़ैसला कीजिए
राजस्थान में software बदलने के लिए फ़रवरी और मार्च सबसे ख़राब महीने हैं: RTE lottery, Class 5 और 8 की exams और अगले साल के admissions — सब एक साथ आते हैं। अक्टूबर और नवंबर में दो या तीन products shortlist कीजिए, अपने accountant और एक class teacher के साथ सात जाँचों वाला टेस्ट चलाइए, और दिसंबर से पहले live हो जाइए, ताकि नए system को जमने के लिए एक शांत term मिल जाए। उस term के अंत तक आपका ऑफिस जिस product को ख़ुशी से इस्तेमाल कर रहा हो, वही सही है — उसके brochure में चाहे जो लिखा हो।
राजस्थान के नियमों के लिए बना हिंदी-first school software देखिए
20 मिनट का walkthrough: आपका SLFC Fees structure, WhatsApp पर हिंदी receipt, एक RTE reimbursement claim और हिंदी report card।
अक्सर पूछे गए सवाल
8 सवालRajasthan ke Hindi medium private school ke liye sabse achha school software kaunsa hai?
वही software सबसे अच्छा है जिसे आपका हिंदी मीडियम ऑफिस पहले दिन से चला सके और जो चार स्थानीय टेस्ट में पास हो: हिंदी screens और parents को हिंदी messages, School Level Fee Committee की मंज़ूर Fees से मेल खाते Fees records, Raj PSP के हिसाब से RTE admission और reimbursement tracking, और RBSE व UDISE+ के लिए तैयार student और exam records। Sign करने से पहले अपने accountant के साथ इसे live परखिए।
क्या राजस्थान के private स्कूल Shala Darpan इस्तेमाल करते हैं?
नहीं। Shala Darpan राज्य का system है जो सरकारी और सरकारी सहायता-प्राप्त स्कूलों के लिए है। Private स्कूल शिक्षा विभाग के rajpsp.nic.in वाले Private School Portal का इस्तेमाल करते हैं — online lottery से RTE admissions के लिए, और 25% quota में दाख़िल बच्चों की Fees का reimbursement claim करने के लिए।
राजस्थान Fee Act 2016 के तहत private स्कूलों को क्या करना होता है?
हर private स्कूल अपनी Fees एक School Level Fee Committee के ज़रिए तय करता है, जिसमें principal, तीन teachers, management का एक प्रतिनिधि और PTA से lottery द्वारा चुने गए पाँच parents होते हैं। मंज़ूर Fees तीन academic sessions तक लागू रहती है, और विवाद Divisional Fee Regulatory Committee के पास जाते हैं। Supreme Court ने 3 मई 2021 को इस Act को सही ठहराया।
Raj PSP par RTE reimbursement claim ka hisaab kaise rakhein?
हर session के claim को एक अलग record की तरह track कीजिए: किन RTE students के लिए claim बना, हर student की verification, Raj PSP पर जमा करने का reference, और जो भी भुगतान आए उसकी तारीख़ और रकम। RTE Act की धारा 12(2) के तहत राज्य स्कूल की Fees और अपने notified per-child खर्च में से कम रकम देता है, इसलिए claim की रकम और मिली रकम का अंतर साफ़ दिखना चाहिए।
क्या राजस्थान में Class 5 और Class 8 की board exams होती हैं?
हाँ। RBSE, Class 5 और 8 की state-level exams कराता है; 2026 में ये 19 और 20 फ़रवरी से शुरू होकर मार्च के पहले हफ़्ते तक चलीं। राज्य ने इन classes में automatic promotion भी ख़त्म कर दिया है, इसलिए बच्चे को न्यूनतम अंक लाने होते हैं, और न ला पाने पर 45 दिनों के भीतर एक और मौका मिलता है।
राजस्थान में school management software की कीमत कितनी होती है?
कीमतें हर स्कूल, हर student या हर module के हिसाब से बताई जाती हैं, इसलिए हर quote को अपने enrolment के हिसाब से साल भर के एक आँकड़े में बदलिए और payment-gateway व messaging charges जोड़िए। संदर्भ के लिए, Inkwelly plan के हिसाब से ₹49, ₹99 या ₹199 per student सालाना लेता है, यानी 400 students वाला स्कूल Lite plan पर साल में ₹19,600 देता है।
क्या school software राजस्थान के स्कूलों के लिए हिंदी में काम कर सकता है?
करना चाहिए, और इसे भरोसे पर नहीं, टेस्ट करके मानिए। असली काम की screens — admissions, Fees, attendance — हिंदी में switch कीजिए और किसी हिंदी मीडियम staff सदस्य से बिना मदद के चलवाइए, और देखिए कि receipts और reminders parents तक WhatsApp पर हिंदी में पहुँचते हैं।
क्या राजस्थान में parents UPI से Fees भरकर हिंदी में receipt पा सकते हैं?
हाँ, अगर software दोनों को support करता हो। ऑफिस काउंटर पर कैश payments दर्ज करता है और online भुगतान के लिए UPI payment link भेजता है, और दोनों ही सूरत में parent को WhatsApp पर हिंदी में receipt मिलती है जिसमें भरे गए fee heads लिखे होते हैं — इससे स्कूल के fee committee records भी साफ़ रहते हैं।
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